Bee
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| Wednesday, June 09, 2004 - 8:42 am: |
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mee nantar post kareen. aadhee tumache post yeu dhyaa..
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AYTÝp`hr sauKacaI vyaa#yaa badlat Asato² tumaalaa kÜNa%yaa yaoLocaI vyaa#yaa hvaIyaoÆ
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sauK mhnajao manaalaa vaaT\NaarI sauKd Baavanaa
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ilaMbau... " jagaI sava-sauKI Aasaa kÜna hayaoÆ " AasaM samaqa- ramadasa svaamaInaI mhnalyaala hayao. manaacao 204 Xato hI saaMigatlyaalaI hayaotI. tI vaacauna
dÜYa jaa%yaatI Aasa %yao saaMgauna gaolyao. trI baI hIt cacaa- kayaÆ.. saukacaI vyaa#yaa kayaÆ baabaa manaacao XlaÜk vaaca. sauya-namaskar Gaala. kXaalaa yaa nas%yaa vaadat pDtÜsaÆ jaya jaya rGauvaIr samaqa-ÈÈ
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Eka Marathi wicharwantane http://www.peace-and-joyfulness.org hi utkrushta website Internetwar "post" kelyache kalate. Mala hi website atyant awadali. Tumhi to jaroor pahawit!
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Hi freinds keep in your mind. In my thinking you are happy only when you are getting love from somebody. what are you thinking.
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sukh -is not to be definated but to feel.Icchhapurti mhanje sukh aste ka?
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Maudee
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| Wednesday, April 05, 2006 - 11:21 am: |
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माझ्या मते सुख म्हणजे ८ तास शान्तपणे लागणारी झोप
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Manuswini
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| Thursday, April 06, 2006 - 4:45 am: |
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मौडी ला अनुमोदन, शांत न मोडता लागलेली ८ तास झोप. झोपेत असंख्य कामे वा चिंता न आठवणारी ८ तास मिळालेली झोप. उठल्यावर चिरप्रसन्न वाटणारी सकाळ म्हणजे सुख. हीच माझी वाख्या. नाहेतर च्यायला ४ तास झोप नी मधेच धडकी भरुन येणारी जाग नको ते नको ते स्वपने बघुन. आणी मधेच आठवणारे ते office आई वडील प्रेमापुढे दुसर्या कुठल्याच प्रेमाची gurantee नाय बुवा हे माझे मत म्हणुन ते सुख कसे काय? just माझे मत हा
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Puru
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| Monday, April 10, 2006 - 10:26 am: |
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सुखाचा शोध घेता? सुख नांदते भुतकाळात, मागचा दिन बरा होता असं उगाच नाही वाटत!
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Deepajk
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| Wednesday, April 12, 2006 - 4:09 am: |
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सुख म्हणजे जे हवे आहे ते वेळेवर मिळणे
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Deepajk
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| Wednesday, April 12, 2006 - 4:09 am: |
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सुख म्हणजे जे हवे आहे ते वेळेवर मिळणे
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Jaaaswand
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| Wednesday, April 12, 2006 - 7:30 am: |
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एक संस्कृत सुभाषितानुसार.. सुख आणि दु:खाची व्याख्या काय तर.. जे स्वत:वर अवलंबून असते ते सुख अन जे नसते ते दु:ख.. ही माझी सुखाबद्दलची सगळ्यात परिपूर्ण व्याख्या आहे... कोणाला ते सुभाषित माहित असल्यास इथे टाकावे... जास्वन्द...
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मला वाट्टं की सुख म्हणजे जवळ असणारी प्रेमाची माणस, एक चांगली नोकरी आणि व्यक्तीस्वातंत्र्य.
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There is no व्याख्या for सुख. सुख जोपर्यंत outer world शी सिमित असत तो पर्यंत कधीच मिळणार नाही. नोकरी, मग पैसा, मग अजुन पैसा, मग मोठ घर, मग माझ कुटूंब, कुटूंबाच कुटूंब etc etc.. सुख लांबतच जातं. सुख स्वत : मध्ये असत. प्रत्येकाच्या मनात. कशाशी निगडीत नसते. त्याला काही कारण असावे लागत नाही. IMO टीप : ह्याचा अर्थ असा नाही की मी खूप सुखी आहे
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Mita
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| Thursday, April 27, 2006 - 10:37 pm: |
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रचना,खुप mature विचार करायला लावणारं लिहिल आहेस.
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Zakki
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| Thursday, April 27, 2006 - 11:38 pm: |
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रचना, तुझे म्हणणे मला अगदी पटले आहे. सुख, देव हे सगळे आपल्या मनात असते. कुठे शोधीशी रामेश्वर अन कुठे शोधीशी काशी हृदयातील ... इ.
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कोणाला प्रशान्त दामलेचे "सुख म्हणजे काय असते? " माहित आहे का? कोणाकडे आहे काय ते? गल्ली चुकल काय हो हे माझे पोस्ट? तसे असेल तर टाका उडवून आगिन्शिखा
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Arch
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| Friday, April 28, 2006 - 6:25 pm: |
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अग्निशिखा तुझी सही तू चुकलीस ग. बघ बर परत वाचून 
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Dineshvs
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| Saturday, April 29, 2006 - 1:39 am: |
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रचना, मला कुठेतरी वाचलेले आठवते, हिटलरच्या छळछावणीतला एक माणुस कितीहि छळ केला तरी हसतच असायचा. त्याला छेडल्यावर तो म्हणाला, माझ्या शरिराला तुम्ही छळु शकता, मनाला नाही, माझ्या मनाने सुखी व्हायचे का दुख्खी ते फ़क्त मी ठरवतो.
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