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Bsk
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| Thursday, September 07, 2006 - 4:41 am: |
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ह्म्म.. माहीती म्हणूनच वाचायचे, अजुन काय!
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Neelu_n
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| Thursday, September 07, 2006 - 8:19 am: |
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ही बघा अजुन लिन्क.. ताजमहलविषयी गुढ http://www.stephen-knapp.com/was_the_taj_mahal_a_vedic_temple.htm BSK अजुन काय?? तुला एलिअनांना भेटायचय का?
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Kedarjoshi
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| Thursday, September 07, 2006 - 2:33 pm: |
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१९८० की ८५ च्या सुमारास (नक्की आठवत नाही) तेजो महल च्या आतील भिंतीचे काम निघाले. तेव्हा तेथे काही असे पुरावे मिळाले असे म्हणातात की जे फक्त हिंदुच्या देवळातच मिळतील. तेजोमहल सारखे आणखी ४ मंदीर पण होते. आजही बर्याच देवळात ५ आरत्या होतात. त्या काळी ५ देवळे होती नी प्रत्येक देवळात अशा आरत्या होत होत्या. ५वे मंदीर म्हणजे तेजोमहल. एका मराठी माणसाने ह्या वर बरेच संशोधन केले आहे. बहुतेक ओक असे त्यांचे नाव आहे. hindunet.org वर पण बरीच माहीती मिळेल.
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Bsk
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| Thursday, September 07, 2006 - 3:30 pm: |
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हो केदार, पु. ना. ओक च ते. त्यांचे ताजमहालवरचे काही मुद्दे पटतात. अर्थात माहीत नाही ते खरच देउळ होते का. माझ्याकडे ते इबुक आहे.
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Svalekar
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| Friday, September 08, 2006 - 11:35 am: |
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Bsk te book mala email karu shakta ka? My Id is svalekar@yahoo.com
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Bsk
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| Friday, September 08, 2006 - 5:17 pm: |
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svalekar tya bookcha size khupch ahe..nearly 25mb..so i guess cant mail u. i'll giv u the link frm where i downloded it.
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Aschig
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| Saturday, September 09, 2006 - 9:02 am: |
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भाग्यश्री आणी इतर, vijaykulkarni यांनी लिहिल्याप्रमाणे, Daniken यांचे पुरावे खोटे आहेत (हे त्यांनीच कबुल केले आहे). अर्थातच भाषांतरकार भारावुन गेले होते आणी सत्यसत्यता न तपासताच त्यांनी ही खोटी माहिति पसरवायला हातभार लावला. Daniken and forgery
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Kshipra
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| Saturday, September 09, 2006 - 4:36 pm: |
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आशिष, मी विचारच करत होते की अजुन तू ह्या बीबीवर आला कसा नाहीस?
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Aschig
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| Saturday, September 09, 2006 - 5:53 pm: |
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हो नं, काही दिवस फिरकलो नाही तर किती अनर्थ होतो. Pluto चा दौरा सुरु होता. इतक्यातच गुरुच्या आकाराचा एक ग्रह दुरच्या एका तार्याभोवती फिरतांना आढळला आहे, त्याची चौकशी सुरु होती: Jup size planet 500 LY from us
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Bsk
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| Saturday, September 09, 2006 - 6:07 pm: |
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डॅनिकेननीच कबुल केलय का की पुरावे खोटे आहेत? मग लिहितात कशाला अशी पुस्तके! उगीच कष्ट घेतले हे सगळ लिहायला.
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मायबोली |
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चोखंदळ ग्राहक |
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महाराष्ट्र धर्म वाढवावा |
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व्यक्तिपासून वल्लीपर्यंत |
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पांढर्यावरचे काळे |
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गावातल्या गावात |
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तंत्रलेल्या मंत्रबनात |
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आरोह अवरोह |
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शुभंकरोती कल्याणम् |
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विखुरलेले मोती |
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