Mahesh
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| Friday, November 18, 2005 - 1:04 am: |
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tsao tr ivaDmbanaÊ marazIkrNa baáyaaca gaaNyaaMcao krta yaola. pNa BB caukIcyaa eokU Aalaolyaa gaaNyaaMcaa Aaho naa Æ
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Milya
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| Friday, November 18, 2005 - 5:29 am: |
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AinalaBaa : naahI hÜ to ivaDMbana maaJao naahIyao. maI AaPlao to mhNaayacaÜ... mahoXa u r mhiNaMga correct to AapNa kuzlyaatrI dusaáyaa BB var ilahuyaa
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maaJaI maaya sarsaÜtI ho malaa sarsa hÜtI AsaM vaaTayacaM..
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thanks junnu ²²² maI pasa cyaa jaagaI haya har vaa+ola to basavaayacaI. AamacyaakDo Baulaabaacyaa³BaÜnDlyaacyaa´ gaaNyaat ek AÜL AXaI hÜtI ³dadanao daiganaa AaNalaaya ´ 1. kXaI Gao} dada GarI nanda jaavaa krtIla maaJaa hovaa hovaa prÜprI AamhI GarI nanda jaavaa AÜLIt nanda naavaacyaa maulaIlaa GarI jaa mhNaayacaÜ. 2. cavaInao KaNaar %yaalaa KoTrM doNaar ³ho gaaNa nasala trIhI ilahavasa vaaTlaM. ´ 3. baapujaI baapujaI gama gama ikXaIgaI ikXaIgaI kma kma ³to gaapujaI Aaho´ 4. ho rama ro sabasao baDa tora naama AÜ XaoravalaI ³ho gaaNa na@kI ramaaca Aaho kI XaoravalaIca Asaa p`Xna hÜta.´ ramacyaa jaagaI naama Aaho. TIp : malaa baroca p`Xna pDayacao lahanapNaI.
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Chinnu
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| Friday, November 18, 2005 - 6:13 pm: |
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manaIÊ iK iK iK² ' cau ' lao mao pvana ko AayaI bahar nayanaÜ mao nayaa rMga laayaI bahar Pyaar ' cala ' ko AÜhÜ Pyaar ' cala ' ko ho gaaNao idnaoXa nao AMtaxarIvar Tklao tXaI malaa AazvaNa AalaI² malaa p`Xna pDayacao naahItÊ pDlao trI AamhI BaavaMDM saÜiyaskrpNao dula-xa kÉna gaaNaI AaLvaayacaÜ lahanapNaI²
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Chinnu
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| Friday, November 18, 2005 - 7:11 pm: |
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varIla gaaNyaacao maO~INaInao kolaolao vaaTÜLo baalaÜmao nayaa rMga laayaI bahar ;D
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Manuswini
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| Tuesday, November 22, 2005 - 11:15 pm: |
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मला अजुन पयत ते तेरि जुते जू' अस का आहे हे कळायच नाही मग कळले कि ते जुस्त्जु आहे बरे त्या जुस्त्जु' चा अर्थ अजुन माहित नाही
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Giriraj
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| Wednesday, November 23, 2005 - 5:13 am: |
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जुस्तजू म्हणजे इच्छा किंवा आसक्ति असा तिथे अर्थ होतो
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Atul
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| Wednesday, November 23, 2005 - 11:38 pm: |
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Mr नटवरलाल मध्ये एक गाणे आहे, 'परदेसिआ...' त्यामध्ये एक ओळ आहे- 'तू मिल गया मुज़को पिया...' मी अनेक वर्शे ते सुनिल गया उस्को पिया...' असेच ऐकयचो आणि म्हणायचो
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Mahesh
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| Friday, November 25, 2005 - 7:32 am: |
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बाजार चित्रपटातील एक गीत आहे. दिखाई दिये यूं के बेखुद किया यातले बरेच शब्द कळत नाहीत. जबी सजदा करते ही करते गये परस्तीश किया के ऐ बुत तुझे नजर में सभोंकी खुदा बन गये उर्दुच्या जाणकारांनी खुलासा केला तर काही कळू शकेल.
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Tulip
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| Saturday, November 26, 2005 - 9:20 am: |
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खर तर गाईड मधली गाणी बरेचदा ऐकली आहेत पण परवा अनेक वर्षांनी गाईड ची VCD बघताना तेरे मेरे सपने अब एक रंग है सुरु झाल आणि लक्षात आल त्यातल एक कडव मी अजून पर्यंत तेरे मेरे दिल का ऐसा एक दिन मिलना जैसे बहार आने पर कहे फ़ुल का खिलना अस म्हणत होते. परवा कळल ते अस आहे तेरे मेरे दिल का तय था इक दिन मिलना जैसे बहार आने पर तय है फ़ुल का खिलना. इतके सोपे शब्द का कळले नव्हते आणि अजून पर्यंत मी म्हणत असलेल्या ओळींचा निरर्थकपणा कसा काय लक्षात आला नाही काय माहीत. तसच पूर्वी बॉबी मधल नरेंद्र चंचल च बेशक मन्दिर मस्जिद तोडो नंतर बुलेजान ये कहता अस आहे. मला त्या गाण्याचे lyrics वाचे पर्यंत भूल जा मै कहता अस वाटायच.
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मी ही दोन गाणी आत्ताआत्तापर्यन्त चुकिची म्हणत होते. यहा डाल डाल पर सोने की चिडिया करती है बसेरा वो भारत देश अंधेरा.... वो भारत देश अंधेरा खरी ओळ वो भारत देश है मेरा अशी आहे जे मला अंधेरा अस ऐकु यायच. खरी ओळ जेव्हा कळली तेव्हा मला इतकी स्वत:ची लाज वाटली ना आणी दुसर चुकीच गाण तुझे गीत गाण्यासाठी सूर लागू दे..... यातील कडव्यात अशी ओळ आहे आणी फुले होण्यासाठी कळ्या जागताना पण मला हे गाण असं वाटायच आणी फुले होण्यासाठी अळ्या जागताना.. .
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Manuswini
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| Saturday, November 26, 2005 - 11:22 pm: |
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माझे आणी माझ्या बहीणीचे एका aD मधिल गाण्यावरुन वाद व्हायचा कानाने बहिरा मुका परी नाही अस मला वाटायच आणी ती म्हणायची कि, कानाने बहिरा मुका परीणामी अजुन काय कळलं नाही तस scientifically दोन्ही बरोबर आहे नाही का?
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Mahesh
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| Monday, November 28, 2005 - 4:37 am: |
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ट्युलिप, मी पण गाईड मधल्या गीताची ती ओळ अशी ऐकत होतो. जैसे बहार आने पर शहद फूल का खिलना
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गेल्यावर्षी माझा मुलगा हेराफ़ेरी' मधल गाण अस म्हणायचा 'देनेवाला जब भी देता, देता थप्पड मार के'
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Zelam
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| Monday, November 28, 2005 - 2:00 pm: |
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मनुस्विनी कानाने बहिरा मुका परी नाही हेच बरोबर आहे. कर्णबधीर मुलांच्या बाबतीत होती ती जाहीरात. - कानाने बहिरा असला तरी तो मुलग मुका नाही हे सांगायचा प्रयत्न होता मला वाटते.
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Kandapohe
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| Tuesday, November 29, 2005 - 6:03 am: |
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ट्युलिप बेशक मन्दिर मस्जिद तोडो >>> हे गाणे असे आहे. बेशक़ मंदिर मस्जिद तोडे, बुल्लेशा ये कहता पर प्यार भरा दिल कभी न तोडो हा बुल्लेशा म्हणजेच अलीकडेच गाजलेल्या बुल्ला की जाणा मै कौन? मधला बुल्ले शाह. बाबा बुल्ले शाह हा सुफ़ी पोएट आहे. CBDG
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Kandapohe
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| Tuesday, November 29, 2005 - 9:18 am: |
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यातले कुठले बरोबर? ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा कहा दो दिलों ने, की होंगे न मिल कर, कभी हम जुदा ये रातें, ये मौसम, नदी का किनारा, ये चंचल हवा ये राते, ये मौसम नदी का किनारा, ये चंचल हवा कहा दो दिलों ने, के मिलकर कभी हम ना होंगे जुदा मी नेहेमी ` के मिलकर कभी हम ना होंगे जुदा ` म्हणतो.
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Milindaa
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| Tuesday, November 29, 2005 - 10:49 am: |
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दुसरेच बरोबर आहे
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महेश, सपुर्ण गाण अस आहे दिखायी दिये यूं के बे-खुद किया हमे आपसे भी जुदा कर चले जब ही सजदा करते ही करते गयी हक़्-ए-बदगी हम अदा कर चले परस्तिश किया तक के ए बुत्थ तुझे नजर मे सबो के खुदा कर चले बहूत आरज़ू थी गली की तेरी साया से लहू मे नहा कर चले बे-खुद याचा अर्थ intense delight असा आहे. हमे आपसे भी जुदा कर चले याचा अर्थ i forgot myself असा आहे. सजदा याचा अर्थ पूजा असा आहे. हक़्-ए-बंदगी हा जोड शब्द आहे. हक़ म्हणजे हक्क आणि बदगी म्हणजे पूजा. अदा कर चले म्हणजे पूजेचा हक्क बजावत गेले. परत परस्तिश याचा अर्थ पूजा असा होतो. बुत्थ म्हन्जे ज्याची पूजा करतात या इथे प्रियकर. नजर मे सबो के खुदा कर चले, सबा म्हणजे breeze . याचा अर्थ थोडक्यात ३४;मी तुला देवासमान मानत गेले३४;. बहूत आरज़ू थी गली की तेरी ही म्हण आहे, किसीके गली की आरज़ू रखना. she wants to marry him - the literal meaning . साया से लहू मे नहा कर चले she is ready to do anything for that. चूक भूल देणे घेणे.
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देवा तुझा मी सोनार... या सुप्रसिध्द गाण्यात ' मन बुध्दीची पायरी रामनाम सोने चोरी' असंच मी ऐकलेलं आहे. 'मन बुध्दीची कातरी ( कात्री)' आहे म्हणे
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Mahesh
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| Wednesday, November 30, 2005 - 3:16 am: |
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शंकासुरा सही रे मस्तच स्पष्टीकरण दिले आहेस.
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Bee
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| Wednesday, November 30, 2005 - 10:27 am: |
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जावेद अख्तर ह्यांच्या कैक सुंदर कवितांपैकी ही एक सुंदर कविता आहे. उर्दूमधे लिहिल्याअमुळे अधिकच भावप्रधान झाली आहे. ह्यातील पहिल्या कडव्याचा अर्थ असा होतो की - मी जेंव्हा तुला बघते, तुझा विचार करते तेंव्हा मी माझे उरत नाही. बेखूद म्हणजे स्वत : चे न उरणे, स्वत : ला विसरून जाणे. म्हणून तुला पाहता मी स्वत : ला विसरून जाते. दुसर्या कडव्याचा अर्थ नीट लागला नाही. तिसर्या कडव्यात, बुत्थ म्हणजे पुतळा, किंवा दगडाचा देव. दगडाची मनोभावे पूजा करणारे भाविक जसे त्याला देवाचे रूप देतात, आपण त्या दगडाकडे जसे देव ह्या नजरेने पाहत जातो, तसे माझ्यासाठी तू देव अशी प्रतिमा होतास, तुझी मी पूजा केली, तुलाच देव सर्वस्व मानले आणि इतरांच्या नजरेत तुला तेच स्थान देण्याचा प्रयत्न करत गेले.. चौथ्या कडव्यात बहुतेक ते शब्द ' साया से' नाही सोया से' असे असावे, ह्याचा अर्थ ' सो यंहा से ' असे असेल. आता तू माझा नसणार, तू माझा व्हावा अशी माझी जी इच्छा होती ती भंगली, तेंव्हा मी इथून ' लहू मे नहा कर' म्हणजे स्वत : ला संपवून टाकते आहे. Moderator, I cannot put single quote, plus I have to put : (for halaant) in angular brackets, the ardhachandrakor also does not appear. May I get any tips? or those are the present problem to be solved soon?
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Moodi
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| Wednesday, November 30, 2005 - 12:07 pm: |
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बी मलाही तेच वाटतेय ते सोयासे म्हणजेच सो यहांसे लहुमे नहाकर चले असे आहे. शंकासुर मस्त आकलन केलत.
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Priya
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| Wednesday, November 30, 2005 - 12:47 pm: |
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बी, हलन्त? तू जे उदाहरण दिले आहेस त्याला विसर्ग म्हणतात. हलन्त म्हणजे सोप्या भाषेत पाय मोडलेले अक्षर. अरे थोडे तरी तपासून बघत जा की... (दिवा घे हो) आणि विसर्ग मला या शब्दात तरी लिहीता आला - तुला का प्रश्न पडला कळत नाही... विशेषतः visheShataH स्वतःचे svataHche स्वतःला svataHlaa
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Vinaydesai
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| Wednesday, November 30, 2005 - 2:03 pm: |
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यम्मा यमा यम्मा यमा या गाण्यात एक ओळ आहे, कल क्या होगा ये किसको खबर, आ नाचले झूमकर हे कित्येक दिवस मी हालातमे झुमकर असं ऐकत होतो...
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Raahul80
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| Wednesday, November 30, 2005 - 7:35 pm: |
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एका बाथरुम सिन्गर कडुन मी ऐकलेले चुकिचे गाने जब तारे गगनमै चलते है. क्या तारे ओर गगन मै.
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Bee
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| Thursday, December 01, 2005 - 2:36 am: |
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धन्यवाद प्रिया. आता काही वेळेस H ऐवजी aH करावे लागणार हे कळले. दुःख duHkh अक्षरशः akSharashaH
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Giriraj
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| Thursday, December 01, 2005 - 12:00 pm: |
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ए बाबा बी,हि गज़ल जावेद अख्तर यांची नसून मीर ताकि मीर यांची आहे. आणि मीर हा माणूस मिर्ज़ा गालिबपेक्षाही वयाने मोठा होता!
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Harini
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| Thursday, December 01, 2005 - 7:45 pm: |
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vaaÊ sahI e@dma dova maaJaa ivazu saavaLa maaL %yaaica maaiJayaa gaLa yaa gaaNyaacaI dusarI AÜL maI AXaI eokt hÜto maana %yaacaI maaJaI AavaLa AaiNa dusar baaMiQalao maI baaMiQalao ]MTacao tÜrNa baaMiQalao KrM gaaNa kaya AahoÆÆ
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imahI ho gaaNaM maaya %yaacaI maaJaI AagaLa AsaM kahItrI eokt hÜtÜ..
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Mahesh
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| Friday, December 02, 2005 - 1:45 am: |
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  हरीणी, बापरे वाईट्ट हसलो... मान त्याची माझी आवळा... आणी ते दुसर गाण आहे ते मला अस ऐकू येत अजुनही बांधले मी बांधले, इंद्राचे तोरण बांधले शिंपण घातले चाफ्याचे शिंपण घातले
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Bee
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| Friday, December 02, 2005 - 7:36 am: |
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गिरिराज, मला जी नेट वर माहिती मिळाली त्यात ही गझल जावेद अख्तर ह्यांची आहे असे लिहिले आहे. नक्की मलाही माहिती नाही. तू म्हणतोस तर मी एकदा VCD लावून पाहतो. माझ्याकडे बाजार ची VCD संग्रहीत आहे. http://www.cs.wisc.edu/~navin/india/songs/isongs/additions/N8069_gif.html
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Chinmay
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| Friday, December 02, 2005 - 8:38 am: |
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तुम आ गए हो नूर आ गया है हे गाणं तुम आ गए हो मूड आ गया है अस म्हणायचो.. आणी logically ते बरोबर वाटायचं..
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Surthorat
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| Friday, December 02, 2005 - 8:41 am: |
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बी तुम्ही दिलेल्या साइट वर बरिच माहिती चुकिची वाटते. ती गझल मीर तकी मीर यांचीच आहे आणि माझ्या माहितीप्रमाणे लताने गायली आहे. http://www.urdupoetry.com/meer05.html
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